कर्नाटक लव जिहाद: कर्नाटक के बेंगलुरु की रहने वाली एक महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एक हिन्दू महिला ने हिन्दू रीति रिवाज से मुस्लिम व्यक्ति से शादी की।
इस दौरान युवक ने कहा था कि वो उस पर इस्लाम क़ुबूल करने का दबाव नहीं डालेगा लेकिन बाद में उसने अपनी असली मानसिकता दिखा ही दी। हिन्दू युवती को जबरन इस्लाम कबूल करने के लिए मजबूर किया गया बाद में उससे कलमा पढ़वाया गया।
पीड़िता ने पुलिस में केस दर्ज कराया है। पीडिता का नाम भी बदल दिया गया। उसके दो बच्चे हैं और अब उसके शौहर ने उसे छोड़ दूसरी शादी कर ली है।
मजहबी परवेज ने प्यार के जाल में फंसाकर की शादी
कर्नाटक लव जिहाद: पीड़िता का कहना है कि वर्ष 2015 में कॉलेज के दौरान उसकी मुलाकात परवेज नामक युवक से हुई। दोनों एक ही प्राइवेट कॉलेज में पढ़ते थे।
उनकी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। महिला का आरोप है कि परवेज ने उसे भरोसा दिलाया था कि शादी के बाद भी वह अपने हिंदू धर्म का पालन कर सकेगी और उस पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला जाएगा।
हिन्दू रीति-रिवाज से की थी शादी
कर्नाटक लव जिहाद: महिला के अनुसार, शुरुआत में उसने धार्मिक कारणों से इस रिश्ते को लेकर हिचकिचाहट दिखाई थी। परिवार ने भी इस शादी को लेकर आशंकाएं जताई थीं,
लेकिन परवेज के वादों पर भरोसा करते हुए परिवार मान गया। 15 दिसंबर 2019 को दोनों की शादी हिंदू रीति-रिवाज से हुई।
शादी के बाद इस्लाम धर्म अपनाने को किया मजबूर
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शादी के कुछ समय बाद ही परवेज का व्यवहार बदलने लगा।
महिला का कहना है कि उस पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया।
इनकार करने पर उसे तलाक की धमकी दी गई और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।
जबरन धर्मांतरण करवाया
कर्नाटक लव जिहाद: पीड़िता का आरोप है कि लगातार दबाव, मारपीट और धमकियों के चलते उसे मजबूरन इस्लाम कबूल करना पड़ा। उसका नाम बदलकर रीता से सादिया तबस्सुम कर दिया गया और कलमा पढ़वाया गया।
महिला ने यह भी दावा किया कि धर्मांतरण के बाद भी उसे सुरक्षा या सम्मान नहीं मिला। दंपति के दो बच्चे हैं, इसके बावजूद परवेज ने दूसरी महिला से निकाह कर लिया और उसे छोड़ दिया।
जब पीड़िता ने इसका विरोध किया तो उसे धमकाया गया। महिला का आरोप है कि पति ने यह कहते हुए दूसरी शादी को जायज़ ठहराया कि इस्लाम में एक से अधिक विवाह की अनुमति है।
बच्चों का भविष्य खतरे में
पीड़िता का कहना है कि अब न केवल उसका जीवन बर्बाद हो गया है, बल्कि उसके बच्चों का भविष्य भी अनिश्चित हो गया है। वह मानसिक तनाव और असुरक्षा के माहौल में जी रही है।
महिला ने पहले डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए उसने बेंगलुरु शहर के पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और शिकायत के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।]

